1500 नए नागा दीक्षित, सभी को दिए नए नाम

1500 नए नागा दीक्षित, सभी को दिए नए नाम उज्जैन. शनिवार को नागा दीक्षा के दो कार्यक्रम हुए। करीब 1500 ने दीक्षा ली। देर रात तक हवन आदि होंगे। सभी नए नामों से ही पहचाने जाएंगे। जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि और आवाहन अखाड़े के पीठाधीश्वर स्वामी शिवेंद्रपुरी जी महाराज ने एक हजार से अधिक नागा साधुओं को दीक्षा दिलाई।

1500 नए नागा दीक्षित, सभी को दिए नए नाम

1500 नए नागा दीक्षित, सभी को दिए नए नाम

इन्हें जोड़कर करते हैं पूरा नाम

बृजेश चेतन पुरी महाराज ने बताया गुरु द्वारा जो नाम दिया जाता है, उसमें पुरी, गिरि आदि जोड़ने पर ही वह पूरा होता है। भगवान शंकर के शरीर से यह नाम निकले हैं। ब्राह्मण से पुरी, ललाट से भारती, जीभ से सरस्वती, बांह से गिरि, पर्वत और सागर, पेट से वन, अरण्य और चरण कमल से तीर्थ एवं आश्रम।

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ऐसे होता हैं दीक्षार्थियों का नामकरण

आवाहन अखाड़ा के कोषाध्यक्ष एवं कमलपुर मठ के कैलाशपुरी जी महाराज ने बताया नामकरण गुरु द्वारा किया जाता है। सामान्यत: जिस व्यक्ति को दीक्षित किया गया है, उसके नाम के पहले अक्षर को ध्यान में रखते हुए नया नाम दिया जाता है। कुछ मामलों में गुरु भावुकता और प्रेमवश इससे हटकर बिल्कुल नया नाम भी दे देते हैं।

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