''पेरिस हमलों के बाद समझ आया मुंबई हमले का दर्द''

मुंबई पर हुए 26/11 आतंकी हमले के वक्त भारत ने किस तरह का दर्द महसूस किया था। यह पेरिस में हुए आतंकी हमलों के बाद दुनिया को समझ में आ गया है। यह कहना है ब्रिटिश अखबार ‘द इंडिपेंडेंट’ का। जिसने लिखा है कि पेरिस के आतंकवादी हमले के बाद समझ आ गया है कि मुंबई का आतंकवादी हमला कैसा रहा होगा।

‘द इंडिपेंडेंट’ अखबार ने ‘पेरिस अटैक: इट इज़ वॉर, बट नॉट एज़ वी नो इट’ शीर्षक से सम्पादकीय में लिखा है, ”यह जंग है जिसमें हम सभी समान रूप से खतरे में हैं।” साथ ही लिखा है कि ”अब निष्क्रिय बने रहना संभव नहीं है।”

संपादकीय में कहा गया है, ”भारत के 2008 के अंधकार भरे दिन के बाद से ही ब्रिटेन में सुरक्षा एजेंसियां मुंबई जैसे खूंखार आतंकवादी हमले के खतरे के प्रति सचेत रही हैं। अब, पेरिस हमले के बाद हमें पता चला है कि मुंबई हमला कैसा रहा होगा। यह एक तरह का युद्ध है जिसमें हम सभी शामिल हैं। हम सामूहिक प्रयास के इससे निकल नहीं सकते।”

गौरतलब है, 2008 में मुंबई में पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले में 160 लोगों की मौत हो गई थी। ‘द इंडिपेंडेंट’ ने लिखा है, ”जानकारियां इस नग्न आशंका की पुष्टि करती हैं कि हमला किसी भी वक्त हो सकता है। किसी भी दिशा से हो सकता है।… ये हत्यारे चाहते हैं कि वे शहीद होने के लिए इसमें मर जाएं।”

अखबार ने लिखा है, ”रासायनिक और जैविक हमलों को छोड़ दिया जाए तो इससे अधिक डरावना और कुछ नहीं हो सकता। आज एक साथ खड़े होना अनिवार्य जरूरत है। सबक लीजिए। हम एक ऐसे दुश्मन के साथ निर्दयी संघर्ष में गले तक डूबे हुए हैं। जिसकी रणनीतिक शक्ति बहुत ज्यादा है। जिसके पास काफी धन के साधन हैं। एक व्यापक गृह भू-भाग हैं। हजारों लड़ाके हैं।”

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