स्वच्छ सर्वेक्षण 2016 में मैसुरु सर्वप्रथम, धनबाद 73वें स्थान पर

स्वच्छ सर्वेक्षण 2016 में मैसुरु सर्वप्रथम, धनबाद 73वें स्थान पर

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दो अक्टूबर को किए गए स्वच्छ भारत की तमाम असफलताओं और 476 शहरों पर किए गए सर्वेक्षण के परिणाम का दर किनार करते हुए शहरी विकास मंत्रालय ने एक बार फिर से सर्वेक्षण किया और इस बार सर्वेक्षण 73 शहरों पर किया गया।
श्री नरेंद्र मोदी के इस अभियान को सही दिशा देने के लिए इस बार सर्वेक्षण क्वालिटी कॉउंसिल ऑफ़ इंडिया (QCI) ने किया जिसमे मैसुरु ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। हरियाणा और पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ ने तिरुचिरापल्ली को प्रस्थापित करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया है। केन्दीय शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने सोमवार को सर्वेक्षण रिपोर्ट ज़ारी की।

टॉप 10 स्वच्छ शहरों की सूचि कुछ इस प्रकार है
1. मैसूरु(कर्नाटक)
2. चंडीगढ़
3. तिरुचिरापल्ली(तमिलनाडु)
4. नई दिल्ली म्यूनिसिपल कॉउंसिल
5. विशाखापटनम(आँध्रप्रदेश)
6. सूरत(गुजरात)
7. राजकोट(गुजरात)
8. गंगटोक(सिक्किम)
9. पिम्परी चिंचवाड़( महाराष्ट्र)
10. ग्रेटर मुम्बई

टॉप 10 गंदे शहरों की सूचि इस प्रकार है
1. धनबाद
2. आसनसोल
3. ईटानगर
4. पटना
5. मेरठ
6. रायपुर
7. गाज़ियाबाद
8. जमशेदपुर
9. वाराणसी
10. कल्याण डोम्बिविली

सर्वेक्षण में पाया गया है के देश के दक्षिण और पश्चिम हिस्सों के शहर उत्तर और पूर्वी भाग के शहरों से ज्यादा साफ़ हैं। श्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी गंदे शहरों की सूचि में शामिल है।

इन बातों के आधार पर सूचि तैयार की गयी है
1. शहर की सम्पूर्ण स्वच्छ्ता
2. शहर में कूड़ादान मिलने की संभावना
3. शहर में प्रतिदिन कूड़े का संकलन
4. आधा किलोमीटर की दुरी पर शौचालय की सुविधा
5. सार्वजानिक शौचालयों की अनुकूलता एवं अवस्था
6. सभी घरों में शौचालय होने की संभावना

इस सर्वेक्षण में 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले 53 शहरों और 22 राजधानियों को शामिल किया गया  है। नायडू ने कहा के जिन 73 शहरों में सर्वेक्षण किया गया है उनमे से 32 शहरों की रैंकिंग में पिछले सर्वेक्षण के मुकाबले सुधार देखने को मिला है। इनमें उत्तर भारत 17, पश्चिम भारत के 6, दक्षिण भारत के 5 एवं पूर्वोत्तर भारत के 2 शहर शामिल हैं। उन्होंने कहा के इस बात से यह साबित हो जाता है के उत्तर भारत के शहर अभी साफ़ सफाई के लिए कहीं ज्यादा प्रयास कर रहें हैं और शीघ्र ही दक्षिण भारत के शहरों को चुनौती देने लगेंगे।
नई दिल्ली की NDMC की रैंकिंग  2014 के सातवें पायदान से सुधरकर चौथे स्थान पर पहुँच गयी है और दक्षिणी MCD 47वें पायदान से सुधरकर 39वें पायदान पर आ गई है।
केंद्र सरकार का 2019 तक 1.4 करोड़ घरों में शौचालय, 2.5 लाख सामुदायिक शौचालय एवं 2.6 लाख सार्वजनिक शौचालय बनाने का उद्देशय है जिसके लिए केंद्र को ₹14,623 करोड़ का वित्त पोषण मिला है।

73 शहरों की पूर्ण सूचि कुछ इस प्रकार है
1. मैसूरु(कर्नाटक)
2. चंडीगढ़
3. तिरुचिरापल्ली(तमिलनाडु)
4. नई दिल्ली म्यूनिसिपल कॉउंसिल
5. विशाखापटनम(आँध्रप्रदेश)
6. सूरत(गुजरात)
7. राजकोट(गुजरात)
8. गंगटोक(सिक्किम)
9. पिम्परी चिंचवाड़( महाराष्ट्र)
10. ग्रेटर मुम्बई
11. पुणे
12. नवी मुम्बई
13. वड़ोदरा
14. अहमदाबाद
15. इम्फाल
16. पणजी
17. ठाणे
18. कॉइम्बोटोरे
19. हैदराबाद
20. नागपुर
21. भोपाल
22. इलाहबाद
23. विजयवाड़ा
24. भुबनेश्वर
25. इंदौर
26. मधुराई
27. शिमला
28. लखनऊ
29. जयपुर
30. ग्वालियर
31. नाशिक
32. वारंगल
33. अगरतला
34.  लुधियाना
35. वसई विरार
36. चेन्नई
37. गुडगाँव
38. बेंगलुरु
39. साउथ MCD
40. तृवंथपुराम
41. ऐज़्वाल
42. गांधीनगर
43. नार्थ MCD
44. कोज़हिकोडे
45. कानपूर
46. दुर्ग
47. आगरा
48. श्रीनगर
49. अमृतसर
50. गुवाहाटी
51. फरीदाबाद
52. ईस्ट MCD
53. शिलांग
54. हुब्बलि धारवाड़
55. कोच्ची
56. औरंगाबाद
57. जोधपुर
58. कोटा
59. कट्टक
60. कोहिमा
61. देहरादून
62. रांची
63. जबलपुर
64. कल्याण डोमिविली
65. वाराणसी
66. जमशेदपुर
67. ग़ाज़ियाबाद
68. रायपुर
69. मेरठ
70. पटना
71. ईटानगर
72. आसनसोल
73. धनबाद

By: Vikas Nandwal

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