रिश्ते टूटने के बाद कैसे एक देसी कम्पनी ने पछाड़ दिया दुनिया के No.1 ब्रांड को

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रिश्ते टूटने के बाद कैसे एक देसी कम्पनी ने पछाड़ दिया दुनिया के No.1 ब्रांड को
दिल्ली: बहुत पुरानी दोस्ती जब भरे बाजार में टूटती है तो फिर आगे का सफर भी बाजार ही तय करता है. हीरो हौंडा की 26 साल की जिगरी दोस्ती भी जब टूटी तो देश का दुपहिया बाजार सबसे भयानक प्रतिस्पर्धा का गवाह बना. एक तरफ दुनिया का बादशाह हौंडा मोटर था तो दूसरी तरफ देसी हीरो कम्पनी. लेकिन अब तक इस ‘मिल्खा’ दौड़ में मुंजाल परिवार की हीरो ही आगे है.
2011 में दोस्ती टूटने के बाद हौंडा ने पांच साल में नंबर एक होने का टारगेट रखा था. लेकिन 2016 में पांच साल पूरे होने के बाद हौंडा 26 फीसदी ही भारतीय बाजार पर कब्ज़ा जमा पाया जबकी हीरो मोटर्स 39 फीसदी कब्ज़े के साथ देश की नंबर एक दुपहिया वाहन कम्पनी बनी हुई है.

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सूत्रों के मुताबिक जापान की हौंडा मोटर्स ने मनमाने पैसों पर हीरो के अफसरों को तोडा और भारी रकम खर्च कर डीलरों का नेटवर्क बनाया लेकिन मुंजाल परिवार को पछाड़ना अब तक टेडी खीर ही साबित हुआ. अमेरिका की टाइम मैगज़ीन ने भी हीरो को भारत की सबसे इनोवेटिव कम्पनी माना है जो हौंडा की चुनौती झेलकर भी आगे बड़ी है.
हालाँकि हौंडा के ब्रांड के आगे हीरो का बाजार 44 पर्सेंट से गिरकर 39 पर आया है लेकिन अब मुंजाल परिवार कोई 850 करोड़ रूपए खर्च कर अपनी रिसर्च और विकास इकाई को गति देना चाहता हैं. इस काम के लिए हीरो ने बी एम डब्लू  के मार्क्स को अपनी टेक्नोलॉजी का चीफ बनाया है. मार्क्स के ज़रिये हीरो कम्पनी अपनी मोटरसाइकिल को और भी आधुनिक बनाना चाहती हैं. उधर हौंडा अपने डीलर नेटवर्क को 5000 तक बढ़ाना चाहता है ताकि छोटे शहरों और कस्बों में कम्पनी हीरो को टक्कर दे सके.
फिलहाल देसी हीरो कम्पनी को सलाम जो अलग होने के बाद भी दुनिया के सबसे बड़े दुपहिया ब्रांड को न सिर्फ टक्कर दे रही है बल्कि अब तक प्रतिस्पर्धा की मुश्किल दौड़ में काफी आगे है. हीरो की जीत देश के घरेलू निर्माताओं के लिए एक बड़ी मिसाल है.  Sourc: IndiaSamvad
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