भारत सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा 7.5 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर : मोदी

कुआलालंपुर. वैश्विक मंदी के बीच भारत को एक प्रकाशपुंज बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि 7.5 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था है जो आने वाले वर्षो में और तेजी से आगे बढेगी.

मोदी ने यहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ ऐसे समय में जबकि विश्व में मंदी छाई हुई है, दुनिया की हर आर्थिक संस्था ने माना है कि भारत सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है.” उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था है जो इस समय 7.5 प्रतिशत की दर से बढ रही है और आने वाले वर्षो में यह दर और भी बढेगी.

प्रधानमंत्री ने साथ ही कहा कि यह काम आसान नहीं है. उन्होंने कहा कि देश की सवा सौ करोड़ की आबादी है, 500 शहर और छह लाख से अधिक गांव हैं लेकिन हमें विश्वास और आस्था है कि हम इस काम को पूरा करेंगे. हमें भारतीयों की प्रतिभा और उद्यमशीलता पर भी विश्वास है. मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र या विश्व व्यापार संगठन के कांफ्रेंस कक्ष में किये गये निर्णय भारत के गांव में किसानों के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं, एक स्थान की जीवनशैली, जलवायु या कृषि दूसरे स्थान पर प्रभाव डाल सकती है.

उन्होंने कहा कि हमें एक दूसरे के बाजार और संसाधनों की जरुरत है… हमें मित्र और सहयोगी तलाशने के लिए दूर जाने की जरुरत नहीं है. दक्षिण पूर्व एशिया हमारे समुद्र और भूमि से जुडा पडोस है. यह क्षेत्र प्रतिभा, संस्कृति और उद्यमिता से भरपूर है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज दावा किया कि उनकी सरकार सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार एवं गरीबी को समाप्त कर रही है और नीति आधारित ऐसी शासन व्यवस्था बना रही है जहां किसी के साथ भेदभाव का कोई स्थान न हो.

मोदी ने यहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि 18 महीने पहले जब उनकी सरकार सत्ता में आई तब देश के सामने बहुत बडी बडी चुनौतियां थी. उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन मेरी सरकार इस माहौल को बदलने आई है. हम गरीबी मिटा रहे हैं. जनता को आधुनिक अर्थव्यवस्था के लाभ दिला रहे हैं. हम बैंकों, बीमा तथा ऐसे अनेक कार्यक्रमों के जरिये गरीबों का सशक्तिकरण कर रहे हैं. हम ऐसे ढांचे विकसित कर रहे हैं जिससे उन्हें पानी, बिजली, शिक्षा, अस्पताल, घर जैसी बुनियादी सुविधा मिल सके.’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार को समाप्त कर रहे हैं. हम सरकार को पारदर्शी और जवाबदेह बना रहे हैं. हम शासन को नीति और व्यवस्था आधारित बना रहे हैं जहां किसी के साथ किसी तरह के भेदभाव का कोई स्थान नहीं है. ‘ उन्होंने कहा, ‘‘हम सरकार के कामकाज के तरीकों में बदलाव ला रहे हैं जहां सरकार और नागरिकों में संवाद बने. केंद्र और राज्य एक दूसरे के साथ मिलकर काम करे और राज्यों में एक दूसरे के साथ काम को लेकर प्रतिस्पर्धा हो. यह स्वस्थ परंपरा है.’ मोदी ने कहा, ‘‘बदलाव को पंख लग चुके हैं और अब वह उडान भरने को तैयार है और उसने गति भी पा ली है. ‘

प्रधानमंत्री ने साथ ही कहा कि यह सब काम आसान नहीं है. उन्होंने कहा कि देश की सवा सौ करोड की आबादी है, 500 शहर और छह लाख से अधिक गांव हैं लेकिन हमें विश्वास और आस्था है कि हम इस काम को पूरा करेंगे. हमें भारतीयों की प्रतिभा और उद्यमशीलता पर भी विश्वास है.

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढती अर्थव्यवस्था है जो इस समय 7.5 प्रतिशत की दर से बढ रही है और आने वाले वर्षो में यह दर और भी बढेगी. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जबकि विश्व में मंदी छाई हुई है, दुनिया की हर आर्थिक संस्था ने माना है कि भारत सबसे तेज गति से आगे बढ रहा है. मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र या विश्व व्यापार संगठन के कांफ्रेंस कक्ष में किये निर्णय भारत के गांव में किसानों के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं, एक स्थान की जीवनशैली, जलवायु या कृषि दूसरे स्थान पर प्रभाव डाल सकती है.

उन्होंने कहा कि हमें एक दूसरे के बाजार और संसाधनों की जरुरत है… हमें मित्र और सहयोगी तलाशने के लिए दूर जाने की जरुरत नहीं है. दक्षिण पूर्व एशिया हमारे समुद्र और भूमि से जुडा पडोस है. यह क्षेत्र प्रतिभा, संस्कृति और उद्यमिता से भरपूर है.