अपने जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं से जयललिता ने खुद ही उठाया था पर्दा…

अपने जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं से जयललिता ने खुद ही उठाया था पर्दा...
अपने जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं से जयललिता ने खुद ही उठाया था पर्दा…

नई दिल्ली: जयललिता ने अपने जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को अपनी बायोग्राफी में दर्ज किया है। ये बायोग्राफी 1978 में एक तमिल मैग्जीन में छपी थी-
– 1978 में तमिल मैग्जीन कुमुदम में छपी अपनी बायोग्राफी में जयललीता ने लिखा कि उनकी दोस्त के ब्वॉयफ्रेंड के कारण उनकी बहुत बदनामी हुई थी।
– दरअसल वह लड़की जया की पड़ोसी थी, जिससे उनकी दोस्ती हो गई थी। वह रोजाना बातें करने जया के घर आया करती थी।
– उस लड़की का ब्वॉयफ्रेंड उनके बगल वाले फ्लैट में रहता था। जया दोनों के बीच मिडएटर का काम करती थी।
– एक दिन फ्रेंड नहीं आई। उसके ब्वॉयफ्रेंड को ये बात बताने जया बालकनी में गई। मोहल्ले वालों ने यह देख लिया और हल्ला मच गया।

– जया ने लिखा कि मोहल्ले में हल्ला मचने के बाद उस फ्रेंड की मां ने उन पर बदचलन होने के आरोप लगाया।
– इसे उनकी मां के फिल्मस्टार होने से भी जोड़ा गया। इस सब के बीच वह सहेली चुप रही।
– ऐसे में उन्होंने चुपचाप सबक लिया कि वह दोस्तों पर भरोसा कभी न करें।

– जयललिता का एक भाई जयकुमार भी था। बीमारियों के चलते वो बहन और नौकरों पर बहुत ज्यादा डिपेंड था।
– पिता के मरने के बाद और फिल्मों में आने से पहले जया भाई का काफी ख्याल रखती थी। लेकिन पॉलिटिक्स में जाने के बाद हालत बदल गए।
– जया ने भाई से सारे रिश्ते तोड़ दिए। उसे बीवी बच्चों समेत नए घर में शिफ्ट होना पड़ा।
– हालांकि उन्होंने भाई से रिश्ता क्यों तोड़ा इसे लेकर जया ने कभी कोई खुलासा नहीं किया।
– जया को अपने करियर के शुरुआती दौर में ही हमले का सामना करना पड़ा था, जयललिता पर आई एक किताब ‘अम्मा’ के मुताबिक ये वाकया मैसूर में हुआ।
– एक न्यूज आर्टिकल में जया ने कहा कि मैं खुद को कर्नाटक की नहीं, तमिल मानती हूं, क्योंकि मेरी मां तमिलनाडु से हैं।
– ये पढ़ कर्नाटक के कुछ राजनीतिक संगठन भड़क गए। मैसूर में जया की पहली फिल्म की शूटिंग चल रही थी। भीड़ वहां पहुंची, जया को गालियां बकने लगे।
– जया कन्नड़ भाषा में बोली ‘मैं तमिल हूं और वही रहूंगी। अब जाओ यहां से मैं माफी नहीं मांगूंगी।
– तभी पुलिस आई और मामला थम गया। अगले रोज तमिल अखबारों में जया शूटिंग के पहले दिन हुए इस कांड के चलते सुर्खियों में थीं।

– 1989 में तमिलनाडु विधानसभा में बजट पेश किया जा रहा था। लेकिन कांग्रेस के सदस्य ने स्पीकर से जया पर लगे किसी आरोप पर बहस की अनुमति मांगी। स्पीकर ने जिसे खारिज कर दिया।
– इसके बाद विधानसभा में मारपीट शुरू हो गई और सदन स्थगित हो गया। “जैसे ही जयललिता सदन से निकलने के लिए तैयार हुईं, एक डीएमके सदस्य ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
– उसने उनकी साड़ी इस तरह से खींची कि उनका पल्लू गिर गया। जयललिता भी जमीन पर गिर गईं।”
– ऐसे में जया ने कसम खाई कि वह सदन में तभी कदम रखेगी, जब वह महिलाओं के लिए सुरक्षित बनेगा। यानी सीएम बनने के बाद ही वापसी करेगी।
– अपनी दूसरी ही फिल्म में जया को तत्कालीन तमिल सुपरस्टार एमजी रामचंद्रन के साथ काम करने का मौका मिला था।
– एक बार थार रेगिस्तान में शूटिंग के दौरान रेत इतना गर्म था कि जयललिता उस पर चल नहीं पा रही थी।
– जया ने एक मैग्जीन में लिखा कि मेरे पैरों में कोई चप्पल और जूते नहीं थे। मेरे पैर लाल हो गए थे।
– मैं कुछ कह नहीं पा रही थी। तभी एमजीआर ने पीछे से आ कर मुझे गोदी में उठा लिया। वह मेरी परेशानी को समझ गए थे।