मुस्लिम जज ने दी फांसी की सजा फिर अपराधी से कहा निर्दोष हुए तो मर के जन्नत जाओगे

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जन्नत एक ईरानी जज ने कथित तौर पर एक आदमी को मौत की सजा सुनाई। जज ने कहा 'अगर तुम निर्दोष हो तो तुम फांसी के बाद जन्नत जाओगे

जन्नत एक ईरानी जज ने कथित तौर पर एक आदमी को मौत की सजा सुनाई। जज ने कहा ‘अगर तुम निर्दोष हो तो तुम फांसी के बाद जन्नत जाओगे।’

कूहदाश्त के रहने वाले रजा हुसैनी उन चार लोगों में से एक था जिसे उत्तरी ईरान में ड्रग्स संबंधित आरोपों के लिए 3 मई को पेश किया गया था। 34 साल का रजा पूरे मुकदमे के दौरात इस बात पर जोर दे रहा था कि वह निर्दोष था जिसके बाद जज तयेरानी ने उससे कहा कि अगर यह सही है तो तुम जन्नत में जाओगे।

मुस्लिम जज ने दी फांसी की सजा फिर अपराधी से कहा निर्दोष हुए तो मर के जन्नत जाओगे
मुस्लिम जज ने दी फांसी की सजा फिर अपराधी से कहा निर्दोष हुए तो मर के जन्नत जाओगे

उसकी पत्नी अजादेह गेरावंद ने दावों पर यह कहते हुए जोद दिया कि उसे यातना दी गई और मरने से पहले परिवार को मिलने से रोका गया। पत्नी के मुताबिक ‘रजा की जिस केस फाइल में नशीले पदार्थों का उल्लेख किया गया वह अधिकारियों को हमारे पड़ोस के घर में मिली जिसे हम जानते तक नहीं। रजा को केवल इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि हमारे घर के पार्किंग में राजा की अधिकारियों के साथ शारीरिक तकरार हुई थी।’

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उनके मुताबिक ‘अपने 70 दिन के कारावास की सजा में उसे पूछताछ के साथ यातना दी गई। हमें उससे मिलने की अनुमति नहीं थी जब तक कि वह घेजेल हेसार जेल में स्थानांतरित नहीं हो गया। लेकिन तब भी हमें 11 महीने के कारावास तक उससे मिलने नहीं दिया गया। जब हमें मौत की सजा के बारे में पता चला तो मैं और रजा की मां किसी तरह 840 किलोमीटर की यात्रा कर जेल उसे आखिरी बार मिलने पहुंची। लेकिन जैसे ही हम पहुंचे अधिकारियों ने हमें उससे मिलने नहीं दिया। साथ ही हमारा अपमान किया।’

वे कहती हैं ‘मेरे पति ने जज से पूछा था ‘मैं अगर निर्दोष हूं तो मुझे क्यों वकालत करना चाहिए?’ और जज का जवाब था ‘अगर तुम निर्दोष हो तो तुम फांसी के बाद जन्नत में जाओगे।’

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