संघर्ष, रोचक और रोमांच भरा था जयलिता का जीवन

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नई दिल्ली (5 दिसंबर): शुरुआती जीवन से संघर्ष करने वाली जयललिता का अभिनेत्री से मुख्यमंत्री तक का सफर काफी रोचक और रोमांच भरा रहा है। एक नजर में हम आपको बता रहे हैं उनके जीवन का सफरः

* अभिनय से राजनीति में आई तमिलनाडु की वर्तमान मुख्यमंत्री जयललिता का पूरा नाम सेल्वी जे. जयललिता है।

* जयललिता का जन्म 24 फ़रवरी 1948 को एक ‘ अय्यर ‘ परिवार में , मैसूर राज्य (जो कि अब कर्नाटक का हिस्सा है) के मांडया जिले के पांडवपुरा तालुक के मेलुरकोट गांव में हुआ था।

* मैसूर में जन्मीं जयललिता के पिता वकील थे। उनका जन्म नाम कोमालावल्ली था। आयंगर रिवाज में दो नाम रखे जाते हैं। इसलिए दूसरा नाम जयललिता रखा।

* उनके दादा मैसूर के महाराजा के यहां मेडिकल सर्जन थे। महाराजा जयचमराजेंद्र वुडेयार के साथ खुद के संबंध दिखाने के लिए परिवार के हर सदस्य का नाम जय से शुरू करते थे।

* महज 2 साल की उम्र में ही उनके पिता जयराम , उन्हें , मां संध्या (वास्तविक नाम वेदावल्ली ) और बड़े भाई जयकुमार को अकेला छोड़ चल बसे।

* पिता की मृत्यु के पश्चात उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों से गुजरना पड़ रहा था।

* जयललिता मात्र दो वर्ष की ही थी. ऐसे में जयललिता की माता , अपने बच्चों को लेकर अभिभावकों के पास बैंगलोर आ गई थीं और टायपिस्ट का काम किया।

* जयललिता की मौसी विद्यावती (एक एयर होस्टस बाद में अभिनेत्री अंबुजम के नाम से मशहूर) ने बहन को फिल्मों में काम करने के लिए चैन्नै बुला लिया। जयललिता की मां ‘ संध्या ’ के नाम से फिल्मी पर्दे पर आईं।

* देखते ही देखते वह संध्या के नाम से मशहूर- हो दक्षिण भारतीयों फिल्मों का एक जाना-माना चेहरा बन गईं। आर्थिक हालात सुधर जाने के कारण जयललिता की प्रारंभिक शिक्षा बैंगलोर के एक संभ्रांत स्कूल बिशप कॉटन गर्ल्स हाई स्कूल में संपन्न हुई।

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