मोदी ने परिवारवाद और छुआछूत की राजनीति की आलोचना की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परिवारवाद की राजनीतिक संस्कृति पर आज चुटकी ली और भूमि सौदों के कारण विवाद में आए सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा नाम लिये बिना कहा कि आज हम जानते हैं कि दामादों के कारण क्या क्या बातें होती हैं। उन्होंने छुआछूत की राजनीति को भी अस्वीकार करते हुए कहा कि राष्ट्रीय विरासतों को इस आधार पर बांटा नहीं जाना चाहिए।

यहां जोरावर सिंह स्टेडियम में आयोजित कांग्रेस के दिग्गज दिवंगत नेता गिरधारी लाल डोगरा शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ दामाद, ससुर के कारण नहीं और ससुर दामाद के कारण नहीं जाने जाते। वरना इतने समय में कभी तो अरूण :वित्त मंत्री अरूण जेटली: जी का मन किया होगा.. लेकिन दोनों ने एक दूसरे को इससे अलग रखा। आज हम जानते हैं कि दामादों के कारण क्या क्या बातें होती हैं।’’ उल्लेखनीय है कि जेटली गिरधारी लाल के दामाद हैं।

सार्वजनिक जीवन में मर्यादा के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने ने कहा कि हम किस दल के हैं, किस विचाराधारा के हैं, इससे सार्वजनिक जीवन नहीं चलता है, राजनीति में छुआछूत नहीं होता बल्कि देश के लिए मरने जीने वालों का सम्मान होता है। हम जो बाद की पीढ़ी के लोग है, उनका दायित्व है कि हम अपनी विरासत को बंटने नहीं दें। इसमें भेदभाव, छुआछूत न करें, सभी महापुरूषों का सम्मान करें। ’’ उन्होंने यह बात आजाद की उस टिप्पणी के बाद की जिसमें कांग्रेसी नेता ने कहा था कि डोगरा ‘‘24 कैरेट कांग्रेसी’’ थे, जिन्होंने क्षेत्रवाद, जातिवाद और साम्प्रदायिकता से कभी समझौता नहीं किया।

मोदी ने कहा, ‘‘ आज के राजनीतिक जीवन के लिए यह संदेश है । किसी भी नेता का शताब्दी वर्ष मनाना ऐसा संदेश है.. जो आज नजर नहीं आता है। गिरधारी लाल जी ने जीवन में पल पल मर्यादाओं का पालन किया।

परिवारवाद पर चोट करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ मैंने राजनीतिक से जुड़ी उनकी :गिरधारी लाल: जितनी तस्वीर देखी है, उसमें उनके परिवार का एक भी व्यक्ति नजर नहीं आया। इतने लम्बे समय तक सार्वजनिक जीवन और सत्ता के गलियारे में रहने तथा देश के शुरूआती सभी प्रधानमंत्रियों से निकट संबंध होने के बाद भी एक भी तस्वीर में परिवार का कोई सदस्य नजर नहीं आया। सिर्फ अंत्येष्टि की तस्वीर में परिवार के सदस्य थे।’’

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