ताजमहल से 1100 साल पुरानी है प्यार की ये निशानी…!

ताजमहल से 1100 साल पुरानी है प्यार की ये निशानी..

कहते हैं कि प्यार एक खूबसूरत एहसास है, एक ऐसा लम्हा जिसमें सब कुछ भूल जाने का मन करता है. लोग अपने प्यार को साबित करने के लिए क्या कुछ नहीं कर जाते हैं. कोई जान दे देता है, तो कोई जान ले लेता है. कोई मक़बरा बनवाता है, तो कोई मंदिर. हमारे देश में प्यार की सबसे बड़ी निशानी ताजमहल है जिसका निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में करवाया था.

लेकिन आज हम आपको ताजमहल से भी पुराने एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे एक प्रेमी युगल ने बनवाया था. रायपुर के महासमुंद जिले के सिरपुर में स्थित लक्ष्मण मंदिर प्यार की एक खूबसूरत निशानी है. यह एक मंदिर ही नहीं, बल्कि बेपनाह प्यार का जीता-जागता उदाहरण है. इस मंदिर को रानी वासटादेवी ने राजा हर्षगुप्त की याद में 1100 साल पहले बनवाया था.

सिरपुर स्थित लक्ष्मण मंदिर।
सिरपुर स्थित लक्ष्मण मंदिर।

एक चीनी यात्री व्हेनसांग, जो छठवीं शताब्दी में भारत आये थे, ने अपनी यात्रा वृतांत में सिरपुर के लक्ष्मण मंदिर का उल्लेख किया था. जिसके आधार पर तीन साल पहले शुरू हुई खुदाई में मिले अवशेषों और शिलालेखों से पता चला कि यह मंदिर 635-640 ईस्वी में बनाया गया था. इन्हीं शिलालेखों में ही वासटादेवी और हर्षवर्धन की प्रेम कहनी के सबूत मिले.

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