295 अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त करेगी केंद्र सरकार

सरकार ने लगभग 3000 अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए आज एक विधेयक का प्रस्ताव मंजूर किया जिसके तहत 295 अप्रचलित कानूनों को निरस्त किया जाएगा ।

निरसन एवं संशोधन :चतुर्थ: विधेयक 2015 को लोकसभा में पेश किया जाएगा । इस विधेयक के जरिए 295 बेकार हो चुके कानूनों को समाप्त किया जाएगा क्योंकि ये कानून अब प्रासंगिक नहीं रह गये हैं । इनमें से कुछ कानून 30 साल से अधिक पुराने हैं । एक विधेयक विवाह कानून में संशोधन से संबंधित है जबकि एक अन्य सीमेंट जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने से संबंधित है ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी ।

कानून मंत्रालय के विधायी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक संसद में एक ही जैसे दो विधेयक पारित किये जाने से 125 पुराने कानूनों को निरस्त किया गया । दो अन्य विधेयक संसद की मंजूरी के लिए लंबित हैं और एक बार ये विधेयक पारित हो जाएं तो 945 अन्य कानूनों को निरस्त किया जा सकेगा ।

कानून मंत्रालय ने 1871 अन्य कानूनों की पहचान की है, जो मौजूदा समय में अप्रासंगिक हो चुके हैं ।

कानून मंत्रालय 2001 के बाद पहली बार इस तरह का कार्य कर रहा है । प्रभावशाली शासन में बाधा उत्पन्न कर रहे पुराने पड़ चुके कानूनों को समाप्त करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एजेंडा के अनुरूप ये सब हो रहा है ।

सन 1950 से 2001 के बीच 100 से अधिक कानूनों का निरक्षण किया गया ।

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