आर टी आई को सरकार से सवाल करने का अधिकार होना चाहिए

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 अक्तूबर को कहा कि सूचना का अधिकार केवल जानकारी प्राप्त करने के अधिकार तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि इसे प्रत्येक नागरिक को सत्ता में बैठे लोगों से सवाल करने की ताकत देनी चाहिए । उन्होंने साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि लोगों को समयबद्ध तरीके से और पारदर्शिता के साथ बिना किसी परेशानी के आरटीआई आवेदनों पर सूचना मिलनी चाहिए।

केंद्रीय सूचना आयोग के 10वें सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद यह होती है कि सबसे सामान्य व्यक्ति को सरकार से सवाल करने का अधिकार हो ।

उन्होंने कहा, ‘‘यह सही है कि सूचना का अधिकार कानून ने सबसे साधारण व्यक्ति को सूचना का अधिकार दिया । लेकिन इसे यहीं तक सीमित नहीं रहना चाहिए । उसे सत्ता में बैठे लोगों से सवाल करने का अधिकार होना चाहिए और यही लोकतंत्र की बुनियाद है ।’’ मोदी ने सरकार के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए सक्रियता से काम करने पर जोर दिया और कहा कि जितनी तेजी से हम पारदर्शिता लायेंगे, उतनी ही लोकतंत्र में लोगों की आस्था मजबूत होगी ।

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों में जागरूकता सरकार को मजबूती प्रदान करती है और जागरूक समाज न केवल सरकार के लिए बल्कि राष्ट्र की पूंजी होता है ।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि सूचना प्रदान करने की प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और सरल पद्धति वाली होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘सूचना देने में देरी करने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा बल्कि यह बढ़ेंगी । समय पर दी गई सूचना गलत निर्णय को रोक सकती है। हम इस पर जोर देंगे ।’’

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