मिशन मोड में मोदी सरकार : अगस्त, 2015 से 11,194 गांवों में पहली बार पहुंची बिजली

नई दिल्ली आजादी के 70 सालों में भी देश के जिन 18,452 गांवों में बिजली नहीं पहुंच पाई थी, उनके इलेक्ट्रिफिकेशन का वादा पूरा करने की दिशा में मोदी सरकार जी-जान से जुटी है। इस काम में सरकार को उम्मीद के मुताबिक सफलता भी हासिल हो रही है। मोदी सरकार का दावा है कि वह अगस्त, 2015 से अब तक इन 18,452 गांवों में से 61 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में बताया गया कि देश में बिजली से वंचित 18,500 गांवों में से 11,194 गांवों का विद्युतीकरण कर दिया गया है और अक्षय उर्जा क्षमता 39.5 गीगा वाट तक पहुंच गई है।

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प्रधानमंत्री ने प्रमुख ढांचागत क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को ढाई घंटे की बैठक ली जिसमें उन्होंने ‘सभी के लिए मकान’ कार्यक्रम की प्रगति का जायजा भी लिया। इस दौरान उन्होंने संबद्ध अधिकारियों को आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं स्थानीय निर्माण सामग्रियों व तकनीक का न्यायसंगत उपयोग कर इसके क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया।

बैठक में बिजली, कोयला, आवास, बंदरगाह और डिजिटल इंडिया जैसे क्षेत्रों की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा आज जारी एक बयान में कहा गया कि बैठक में यह भी बताया गया कि वाम चरमपंथियों से प्रभावित गांवों को मोबाइल संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में अभी तक 1,371 टावर स्थापित किए गए हैं।

अक्षय उर्जा के संबंध में 2022 तक 175 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की गई है और कुल स्थापित क्षमता पहले ही 39.5 गीगावाट पहुंच चुकी है। देश में एलईडी बल्ब वितरण के कार्य में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने सभी ग्राम पंचायतों को ब्राडबैंड संपर्क उपलब्ध कराने की गति बढ़ाने के लिए तत्काल उपाय करने को कहा। प्रधानमंत्री को बताया गया कि 12 महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर वाई-फाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है।

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