देश भर में बाघों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि

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नई दिल्ली : सरकार ने आज बताया कि देश भर में बाघों की संख्या में करीब 30 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अनिल माधव दवे ने आज राज्यसभा को बताया कि संशोधित कार्य प्रणाली का उपयोग करते हुए वर्ष 2014 में बाघों के आकलन में बाघों की अनुमानित संख्या 2226 (रेंज 1945-2491) दशाई गई है। यह अनुमानित संख्या अखिल भारतीय बाघ आकलन, 2014 में बताई गई है जबकि वर्ष 2010 के लिए अखिल भारतीय बाघ आकलन में बाघों की अनुमानित संख्या 1706 (रेंज 1520-1909) बताई गई थी।

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उन्होंने बताया कि इस प्रकार देश भर में बाघों की संख्या में 30 फीसदी की वृद्धि दिखाई दी है। एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दवे ने बताया कि बाघों की स्थिति के देशव्यापी आकलन में भारत में बाघों के वितरण और मौजूदगी का आकलन करने के लिए डबल सैम्पलिंग एप्रोच का उपयोग किया जाता है। इसके तहत 18 राज्यों में सभी संभावित बाघ बहुलता वाले वनों में वास्तविक सर्वेक्षण शामिल हैं। इसके अलावा बाघों से संबंधित नवीनतम सुदूर संवेदी डाटा भी उपयोग में लाए जाते हैं।

एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 में वन्यजीवों के शिकार के लिए कड़े दंड का प्रावधान है। हालांकि अधिनियम के लागू होने के बाद से कुछ वर्षों में संरक्षण के कार्य क्षेत्र में बदलाव आया है इसलिए मंत्रालय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की समीक्षा कर रहा है।

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